मरणोत्तर जीवन (Hindi Self-help): Marnottar Jivan (Hindi Self-help) स्वामी विवेकानन्द

ISBN:

Published: January 31st 2014

Kindle Edition

39 pages


Description

मरणोत्तर जीवन (Hindi Self-help): Marnottar Jivan (Hindi Self-help)  by  स्वामी विवेकानन्द

मरणोत्तर जीवन (Hindi Self-help): Marnottar Jivan (Hindi Self-help) by स्वामी विवेकानन्द
January 31st 2014 | Kindle Edition | PDF, EPUB, FB2, DjVu, audiobook, mp3, ZIP | 39 pages | ISBN: | 10.79 Mb

यह पुसतक सवामी विवेकाननदजी के मौलिक अंगरेजी लेखों का हिनदी अनुवाद है। इस पुसतक में सवामीजी ने पुनरजनम के समबनध में हिनदू-मत तथा पाशचातय-मत दोनों की बडी सुनदर रूप से विवेचना की है और इन दोनों मतों की पारसपरिक तुलना करते हुए इस विषय को भलीभाँति समझाMoreयह पुस्तक स्वामी विवेकानन्दजी के मौलिक अंग्रेजी लेखों का हिन्दी अनुवाद है। इस पुस्तक में स्वामीजी ने पुनर्जन्म के सम्बन्ध में हिन्दू-मत तथा पाश्चात्य-मत दोनों की बडी सुन्दर रूप से विवेचना की है और इन दोनों मतों की पारस्परिक तुलना करते हुए इस विषय को भलीभाँति समझा दिया है कि हिन्दुओं का पुनर्जन्मवाद वास्तव में किस प्रकार नितान्त तर्कयुक्त है, साथ ही यह भी कि मनुष्य की अनेकानेक प्रवृत्तियों का स्पष्टीकरण केवल इसी के द्वारा किस प्रकार हो सकता है



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